सूक्त १८८
3 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।
3 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।
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3 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।
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प्र नूनं जातवेदसमश्वं हिनोत वाजिनम्। इदं नो बर्हिरासदे॥
लिप्यन्तरणpra nūnaṁ jātavedasamaśvaṁ hinota vājinam | idaṁ no barhirāsade ||
अनुवादNow send ye Jatavedas forth, send hitherward the vigorous Steed To seat him on our sacred grass.
English translation: Ralph T. H. Griffith, 1896.अस्य प्र जातवेदसो विप्रवीरस्य मीळ्हुषः। महीमियर्मि सुष्टुतिम्॥
लिप्यन्तरणasya pra jātavedaso vipravīrasya mīḻhuṣaḥ | mahīmiyarmi suṣṭutim ||
अनुवादI raise the lofty eulogy of Jatavedas, raining boons, With sages for his hero band.
English translation: Ralph T. H. Griffith, 1896.या रुचो जातवेदसो देवत्रा हव्यवाहनीः। ताभिर्नो यज्ञमिन्वतु॥
लिप्यन्तरणyā ruco jātavedaso devatrā havyavāhanīḥ | tābhirno yajñaminvatu ||
अनुवादWith flames of Jatavedas which carry oblation to the Gods, May he promote our sacrifice.
English translation: Ralph T. H. Griffith, 1896.सूक्त १८८ सनातन धर्म ज्ञान-मानचित्र का एक बिन्दु है। यह पृष्ठ इसे उसके शास्त्रीय, दार्शनिक या जीवंत परम्परा के सन्दर्भ में रखता है और इसकी शाखाओं, स्रोतों तथा सम्बन्धित मार्गों से जोड़ता है।