सूक्त ८
9 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।
9 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।
गहराई 4 / 4
9 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।
बटन, स्वाइप या बाएँ-दाएँ तीर कुंजियों से पृष्ठ पलटें।
एते सोमा अभि प्रियमिन्द्रस्य काममक्षरन्। वर्धन्तो अस्य वीर्यम्॥
लिप्यन्तरणete somā abhi priyamindrasya kāmamakṣaran | vardhanto asya vīryam ||
पुनानासश्चमूषदो गच्छन्तो वायुमश्विना। ते नो धान्तु सुवीर्यम्॥
लिप्यन्तरणpunānāsaścamūṣado gacchanto vāyumaśvinā | te no dhāntu suvīryam ||
इन्द्रस्य सोम राधसे पुनानो हार्दि चोदय। ऋतस्य योनिमासदम्॥
लिप्यन्तरणindrasya soma rādhase punāno hārdi codaya | ṛtasya yonimāsadam ||
मृजन्ति त्वा दश क्षिपो हिन्वन्ति सप्त धीतयः। अनु विप्रा अमादिषुः॥
लिप्यन्तरणmṛjanti tvā daśa kṣipo hinvanti sapta dhītayaḥ | anu viprā amādiṣuḥ ||
देवेभ्यस्त्वा मदाय कं सृजानमति मेष्यः। सं गोभिर्वासयामसि॥
लिप्यन्तरणdevebhyastvā madāya kaṁ sṛjānamati meṣyaḥ | saṁ gobhirvāsayāmasi ||
पुनानः कलशेष्वा वस्त्राण्यरुषो हरिः। परि गव्यान्यव्यत॥
लिप्यन्तरणpunānaḥ kalaśeṣvā vastrāṇyaruṣo hariḥ | pari gavyānyavyata ||
मघोन आ पवस्व नो जहि विश्वा अप द्विषः। इन्दो सखायमा विश॥
लिप्यन्तरणmaghona ā pavasva no jahi viśvā apa dviṣaḥ | indo sakhāyamā viśa ||
वृष्टिं दिवः परि स्रव द्युम्नं पृथिव्या अधि। सहो नः सोम पृत्सु धाः॥
लिप्यन्तरणvṛṣṭiṁ divaḥ pari srava dyumnaṁ pṛthivyā adhi | saho naḥ soma pṛtsu dhāḥ ||
नृचक्षसं त्वा वयमिन्द्रपीतं स्वर्विदम्। भक्षीमहि प्रजामिषम्॥
लिप्यन्तरणnṛcakṣasaṁ tvā vayamindrapītaṁ svarvidam | bhakṣīmahi prajāmiṣam ||
सूक्त ८ सनातन धर्म ज्ञान-मानचित्र का एक बिन्दु है। यह पृष्ठ इसे उसके शास्त्रीय, दार्शनिक या जीवंत परम्परा के सन्दर्भ में रखता है और इसकी शाखाओं, स्रोतों तथा सम्बन्धित मार्गों से जोड़ता है।