सूक्त ७
9 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।
9 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।
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9 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।
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असृग्रमिन्दवः पथा धर्मन्नृतस्य सुश्रियः। विदाना अस्य योजनम्॥
लिप्यन्तरणasṛgramindavaḥ pathā dharmannṛtasya suśriyaḥ | vidānā asya yojanam ||
प्र धारा मध्वो अग्रियो महीरपो वि गाहते। हविर्हविष्षु वन्द्यः॥
लिप्यन्तरणpra dhārā madhvo agriyo mahīrapo vi gāhate | havirhaviṣṣu vandyaḥ ||
प्र युजो वाचो अग्रियो वृषाव चक्रदद्वने। सद्माभि सत्यो अध्वरः॥
लिप्यन्तरणpra yujo vāco agriyo vṛṣāva cakradadvane | sadmābhi satyo adhvaraḥ ||
परि यत्काव्या कविर्नृम्णा वसानो अर्षति। स्वर्वाजी सिषासति॥
लिप्यन्तरणpari yatkāvyā kavirnṛmṇā vasāno arṣati | svarvājī siṣāsati ||
पवमानो अभि स्पृधो विशो राजेव सीदति। यदीमृण्वन्ति वेधसः॥
लिप्यन्तरणpavamāno abhi spṛdho viśo rājeva sīdati | yadīmṛṇvanti vedhasaḥ ||
अव्यो वारे परि प्रियो हरिर्वनेषु सीदति। रेभो वनुष्यते मती॥
लिप्यन्तरणavyo vāre pari priyo harirvaneṣu sīdati | rebho vanuṣyate matī ||
स वायुमिन्द्रमश्विना साकं मदेन गच्छति। रणा यो अस्य धर्मभिः॥
लिप्यन्तरणsa vāyumindramaśvinā sākaṁ madena gacchati | raṇā yo asya dharmabhiḥ ||
आ मित्रावरुणा भगं मध्वः पवन्त ऊर्मयः। विदाना अस्य शक्मभिः॥
लिप्यन्तरणā mitrāvaruṇā bhagaṁ madhvaḥ pavanta ūrmayaḥ | vidānā asya śakmabhiḥ ||
अस्मभ्यं रोदसी रयिं मध्वो वाजस्य सातये। श्रवो वसूनि सं जितम्॥
लिप्यन्तरणasmabhyaṁ rodasī rayiṁ madhvo vājasya sātaye | śravo vasūni saṁ jitam ||
सूक्त ७ सनातन धर्म ज्ञान-मानचित्र का एक बिन्दु है। यह पृष्ठ इसे उसके शास्त्रीय, दार्शनिक या जीवंत परम्परा के सन्दर्भ में रखता है और इसकी शाखाओं, स्रोतों तथा सम्बन्धित मार्गों से जोड़ता है।