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सूक्त ५६

5 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।

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सूक्त ५६

5 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।

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Rigveda 8.56.1

Rigveda 8.56.1
मूल पाठ

प्रति ते दस्यवे वृक राधो अदर्श्यह्रयम्। द्यौर्न प्रथिना शवः॥

लिप्यन्तरण

prati te dasyave vṛka rādho adarśyahrayam | dyaurna prathinā śavaḥ ||

Rigveda 8.56.2

Rigveda 8.56.2
मूल पाठ

दश मह्यं पौतक्रतः सहस्रा दस्यवे वृकः। नित्याद्रायो अमंहत॥

लिप्यन्तरण

daśa mahyaṁ pautakrataḥ sahasrā dasyave vṛkaḥ | nityādrāyo amaṁhata ||

Rigveda 8.56.3

Rigveda 8.56.3
मूल पाठ

शतं मे गर्दभानां शतमूर्णावतीनाम्। शतं दासाँ अति स्रजः॥

लिप्यन्तरण

śataṁ me gardabhānāṁ śatamūrṇāvatīnām | śataṁ dāsā ati srajaḥ ||

Rigveda 8.56.4

Rigveda 8.56.4
मूल पाठ

तत्रो अपि प्राणीयत पूतक्रतायै व्यक्ता। अश्वानामिन्न यूथ्याम्॥

लिप्यन्तरण

tatro api prāṇīyata pūtakratāyai vyaktā | aśvānāminna yūthyām ||

Rigveda 8.56.5

Rigveda 8.56.5
मूल पाठ

अचेत्यग्निश्चिकितुर्हव्यवाट् स सुमद्रथः। अग्निः शुक्रेण शोचिषा बृहत्सूरो अरोचत दिवि सूर्यो अरोचत॥

लिप्यन्तरण

acetyagniścikiturhavyavāṭ sa sumadrathaḥ | agniḥ śukreṇa śociṣā bṛhatsūro arocata divi sūryo arocata ||

स्रोत और सम्पादकीय विवरण

  1. Rigveda Mandala 8, machine-readable Sanskrit and Roman textMandala 8Sanskrit Documents
  2. Rigveda Shakala Samhita, Mandala 8, Sukta 56RV 8.56Vedic Heritage Portal, Ministry of Culture, Government of India
एक स्पष्ट उत्तर

सामान्य प्रश्न

सूक्त ५६ क्या है?

सूक्त ५६ सनातन धर्म ज्ञान-मानचित्र का एक बिन्दु है। यह पृष्ठ इसे उसके शास्त्रीय, दार्शनिक या जीवंत परम्परा के सन्दर्भ में रखता है और इसकी शाखाओं, स्रोतों तथा सम्बन्धित मार्गों से जोड़ता है।