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सूक्त ९९

1 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।

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सूक्त ९९

1 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।

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Rigveda 1.99.1

Rigveda 1.99.1
मूल पाठ

जातवेदसे सुनवाम सोममरातीयतो नि दहाति वेदः। स नः पर्षदति दुर्गाणि विश्वा नावेव सिन्धुं दुरितात्यग्निः॥

लिप्यन्तरण

jātavedase sunavāma somamarātīyato ni dahāti vedaḥ | sa naḥ parṣadati durgāṇi viśvā nāveva sindhuṁ duritātyagniḥ ||

अनुवाद

FOR Jatavedas let us press the Soma: may he consume the wealth of the malignant. May Agni carry us through all our troubles, through grief as in a boat across the river.

English translation: Ralph T. H. Griffith, 1896.

स्रोत और सम्पादकीय विवरण

  1. Rig Veda, Book 1, Hymn 99, translated by Ralph T. H. Griffith (1896)RV 1.99Internet Sacred Text Archive
  2. Rigveda Mandala 1, machine-readable Sanskrit and Roman textMandala 1Sanskrit Documents
  3. Rigveda Shakala Samhita, Mandala 1, Sukta 99RV 1.99Vedic Heritage Portal, Ministry of Culture, Government of India
एक स्पष्ट उत्तर

सामान्य प्रश्न

सूक्त ९९ क्या है?

सूक्त ९९ सनातन धर्म ज्ञान-मानचित्र का एक बिन्दु है। यह पृष्ठ इसे उसके शास्त्रीय, दार्शनिक या जीवंत परम्परा के सन्दर्भ में रखता है और इसकी शाखाओं, स्रोतों तथा सम्बन्धित मार्गों से जोड़ता है।