सूक्त ६८
10 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।
10 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।
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श्रीणन्नुप स्थाद्दिवं भुरण्युः स्थातुश्चरथमक्तून्व्यूर्णोत्॥
लिप्यन्तरणśrīṇannupa sthāddivaṁ bhuraṇyuḥ sthātuścarathamaktūnvyūrṇot ||
परि यदेषामेको विश्वेषां भुवद्देवो देवानां महित्वा॥
लिप्यन्तरणpari yadeṣāmeko viśveṣāṁ bhuvaddevo devānāṁ mahitvā ||
आदित्ते विश्वे क्रतुं जुषन्त शुष्काद्यद्देव जीवो जनिष्ठाः॥
लिप्यन्तरणāditte viśve kratuṁ juṣanta śuṣkādyaddeva jīvo janiṣṭhāḥ ||
भजन्त विश्वे देवत्वं नाम ऋतं सपन्तो अमृतमेवैः॥
लिप्यन्तरणbhajanta viśve devatvaṁ nāma ṛtaṁ sapanto amṛtamevaiḥ ||
ऋतस्य प्रेषा ऋतस्य धीतिर्विश्वायुर्विश्वे अपांसि चक्रुः॥
लिप्यन्तरणṛtasya preṣā ṛtasya dhītirviśvāyurviśve apāṁsi cakruḥ ||
यस्तुभ्यं दाशाद्यो वा ते शिक्षात्तस्मै चिकित्वान्रयिं दयस्व॥
लिप्यन्तरणyastubhyaṁ dāśādyo vā te śikṣāttasmai cikitvānrayiṁ dayasva ||
होता निषत्तो मनोरपत्ये स चिन्न्वासां पती रयीणाम्॥
लिप्यन्तरणhotā niṣatto manorapatye sa cinnvāsāṁ patī rayīṇām ||
इच्छन्त रेतो मिथस्तनूषु सं जानत स्वैर्दक्षैरमूराः॥
लिप्यन्तरणicchanta reto mithastanūṣu saṁ jānata svairdakṣairamūrāḥ ||
पितुर्न पुत्राः क्रतुं जुषन्त श्रोषन्ये अस्य शासं तुरासः॥
लिप्यन्तरणpiturna putrāḥ kratuṁ juṣanta śroṣanye asya śāsaṁ turāsaḥ ||
वि राय और्णोद्दुरः पुरुक्षुः पिपेश नाकं स्तृभिर्दमूनाः॥
लिप्यन्तरणvi rāya aurṇodduraḥ purukṣuḥ pipeśa nākaṁ stṛbhirdamūnāḥ ||
सूक्त ६८ सनातन धर्म ज्ञान-मानचित्र का एक बिन्दु है। यह पृष्ठ इसे उसके शास्त्रीय, दार्शनिक या जीवंत परम्परा के सन्दर्भ में रखता है और इसकी शाखाओं, स्रोतों तथा सम्बन्धित मार्गों से जोड़ता है।