सूक्त ६५
10 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।
10 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।
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पश्वा न तायुं गुहा चतन्तं नमो युजानं नमो वहन्तम्॥
लिप्यन्तरणpaśvā na tāyuṁ guhā catantaṁ namo yujānaṁ namo vahantam ||
सजोषा धीराः पदैरनु ग्मन्नुप त्वा सीदन्विश्वे यजत्राः॥
लिप्यन्तरणsajoṣā dhīrāḥ padairanu gmannupa tvā sīdanviśve yajatrāḥ ||
ऋतस्य देवा अनु व्रता गुर्भुवत्परिष्टिर्द्यौर्न भूम॥
लिप्यन्तरणṛtasya devā anu vratā gurbhuvatpariṣṭirdyaurna bhūma ||
वर्धन्तीमापः पन्वा सुशिश्विमृतस्य योना गर्भे सुजातम्॥
लिप्यन्तरणvardhantīmāpaḥ panvā suśiśvimṛtasya yonā garbhe sujātam ||
पुष्टिर्न रण्वा क्षितिर्न पृथ्वी गिरिर्न भुज्म क्षोदो न शम्भु॥
लिप्यन्तरणpuṣṭirna raṇvā kṣitirna pṛthvī girirna bhujma kṣodo na śambhu ||
अत्यो नाज्मन्सर्गप्रतक्तः सिन्धुर्न क्षोदः क ईं वराते॥
लिप्यन्तरणatyo nājmansargaprataktaḥ sindhurna kṣodaḥ ka īṁ varāte ||
जामिः सिन्धूनां भ्रातेव स्वस्रामिभ्यान्न राजा वनान्यत्ति॥
लिप्यन्तरणjāmiḥ sindhūnāṁ bhrāteva svasrāmibhyānna rājā vanānyatti ||
यद्वातजूतो वना व्यस्थादग्निर्ह दाति रोमा पृथिव्याः॥
लिप्यन्तरणyadvātajūto vanā vyasthādagnirha dāti romā pṛthivyāḥ ||
श्वसित्यप्सु हंसो न सीदन्क्रत्वा चेतिष्ठो विशामुषर्भुत्॥
लिप्यन्तरणśvasityapsu haṁso na sīdankratvā cetiṣṭho viśāmuṣarbhut ||
सोमो न वेधा ऋतप्रजातः पशुर्न शिश्वा विभुर्दूरेभाः॥
लिप्यन्तरणsomo na vedhā ṛtaprajātaḥ paśurna śiśvā vibhurdūrebhāḥ ||
सूक्त ६५ सनातन धर्म ज्ञान-मानचित्र का एक बिन्दु है। यह पृष्ठ इसे उसके शास्त्रीय, दार्शनिक या जीवंत परम्परा के सन्दर्भ में रखता है और इसकी शाखाओं, स्रोतों तथा सम्बन्धित मार्गों से जोड़ता है।