सूक्त ८५
9 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।
9 मन्त्रों वाला सम्पूर्ण ऋग्वेद सूक्त: संस्कृत पाठ, IAST लिप्यन्तरण और उपलब्ध स्रोत-संगत ऐतिहासिक अंग्रेज़ी अनुवाद।
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आ मे हवं नासत्याश्विना गच्छतं युवम्। मध्वः सोमस्य पीतये॥
लिप्यन्तरणā me havaṁ nāsatyāśvinā gacchataṁ yuvam | madhvaḥ somasya pītaye ||
इमं मे स्तोममश्विनेमं मे शृणुतं हवम्। मध्वः सोमस्य पीतये॥
लिप्यन्तरणimaṁ me stomamaśvinemaṁ me śṛṇutaṁ havam | madhvaḥ somasya pītaye ||
अयं वां कृष्णो अश्विना हवते वाजिनीवसू। मध्वः सोमस्य पीतये॥
लिप्यन्तरणayaṁ vāṁ kṛṣṇo aśvinā havate vājinīvasū | madhvaḥ somasya pītaye ||
शृणुतं जरितुर्हवं कृष्णस्य स्तुवतो नरा। मध्वः सोमस्य पीतये॥
लिप्यन्तरणśṛṇutaṁ jariturhavaṁ kṛṣṇasya stuvato narā | madhvaḥ somasya pītaye ||
छर्दिर्यन्तमदाभ्यं विप्राय स्तुवते नरा। मध्वः सोमस्य पीतये॥
लिप्यन्तरणchardiryantamadābhyaṁ viprāya stuvate narā | madhvaḥ somasya pītaye ||
गच्छतं दाशुषो गृहमित्था स्तुवतो अश्विना। मध्वः सोमस्य पीतये॥
लिप्यन्तरणgacchataṁ dāśuṣo gṛhamitthā stuvato aśvinā | madhvaḥ somasya pītaye ||
युञ्जाथां रासभं रथे वीड्वङ्गे वृषण्वसू। मध्वः सोमस्य पीतये॥
लिप्यन्तरणyuñjāthāṁ rāsabhaṁ rathe vīḍvaṅge vṛṣaṇvasū | madhvaḥ somasya pītaye ||
त्रिवन्धुरेण त्रिवृता रथेना यातमश्विना। मध्वः सोमस्य पीतये॥
लिप्यन्तरणtrivandhureṇa trivṛtā rathenā yātamaśvinā | madhvaḥ somasya pītaye ||
नू मे गिरो नासत्याश्विना प्रावतं युवम्। मध्वः सोमस्य पीतये॥
लिप्यन्तरणnū me giro nāsatyāśvinā prāvataṁ yuvam | madhvaḥ somasya pītaye ||
सूक्त ८५ सनातन धर्म ज्ञान-मानचित्र का एक बिन्दु है। यह पृष्ठ इसे उसके शास्त्रीय, दार्शनिक या जीवंत परम्परा के सन्दर्भ में रखता है और इसकी शाखाओं, स्रोतों तथा सम्बन्धित मार्गों से जोड़ता है।